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श्लोक 3.2.20  |
সেই ক্ষণে মহাপ্রভু মত্ত-সিṁহ-গতি
চলিলেন শুভ করিঽ নীলাচল-প্রতি |
सेइ क्षणे महाप्रभु मत्त-सिꣳह-गति
चलिलेन शुभ करिऽ नीलाचल-प्रति |
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| अनुवाद |
| उसी समय महाप्रभु उन्मत्त सिंह की भाँति चलते हुए नीलांचल की ओर प्रस्थान कर गए। |
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| At that very moment, Mahaprabhu, walking like a mad lion, departed towards Nilachal. |
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