श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 171
 
 
श्लोक  3.2.171 
দেখিযা প্রভুর অতি নিরপেক্ষ খেলা
অন্যোঽন্যে সর্ব-গণে হাসিতে লাগিলা
देखिया प्रभुर अति निरपेक्ष खेला
अन्योऽन्ये सर्व-गणे हासिते लागिला
 
 
अनुवाद
भगवान की पूर्ण विरक्ति की लीला देखकर वे सब आपस में हंसने लगे।
 
Seeing the Lord's play of complete detachment, they all started laughing among themselves.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)