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श्लोक 3.2.17  |
যত বিঘ্ন আছে সর্ব কিঙ্কর তোমার
তোমারে করিতে বিঘ্ন শক্তি আছে কার |
यत विघ्न आछे सर्व किङ्कर तोमार
तोमारे करिते विघ्न शक्ति आछे कार |
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| अनुवाद |
| "सभी विघ्न आपके दास हैं। अतः आपके सामने विघ्न डालने की शक्ति किसमें है? |
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| "All obstacles are your servants. So who has the power to create obstacles for you? |
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