श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  3.2.139 
ক্ষণেকে উঠিলা প্রভু করিযা হুঙ্কার
সবারে বলেন,—“কেনে ভয কর কার
क्षणेके उठिला प्रभु करिया हुङ्कार
सबारे बलेन,—“केने भय कर कार
 
 
अनुवाद
थोड़ी देर बाद प्रभु उठे और ज़ोर से गरजे और सबसे कहा, "तुम क्यों डर रहे हो?
 
After a while the Lord stood up and thundered loudly and said to everyone, “Why are you afraid?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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