|
| |
| |
श्लोक 3.2.137  |
এতেকে যাবত উডিযার দেশে পাই
তাবত নীরব হও সকল গোসাঞি!” |
एतेके यावत उडियार देशे पाइ
तावत नीरब हओ सकल गोसाञि!” |
| |
| |
| अनुवाद |
| “अतः हे गोसाणियों, जब तक हम उड़ीसा न पहुँच जाएँ, कृपया मौन रहें!” |
| |
| “So, O Gosanis, please remain silent until we reach Orissa!” |
| ✨ ai-generated |
| |
|