श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  3.2.122 
মুকুন্দ লাগিলা মাত্র কীর্তন করিতে
আরম্ভিলা বৈকুণ্ঠের ঈশ্বর নাচিতে
मुकुन्द लागिला मात्र कीर्तन करिते
आरम्भिला वैकुण्ठेर ईश्वर नाचिते
 
 
अनुवाद
जैसे ही मुकुन्द ने कीर्तन करना प्रारम्भ किया, वैकुण्ठ के भगवान् नाचने लगे।
 
As soon as Mukunda started singing kirtan, the Lord of Vaikuntha started dancing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)