সে দিনে নানা বস্ত্র পরেন অনন্ত
ষষ্ঠী হৈতে লাগি’ রহে মকর-পর্যন্ত
से दिने नाना वस्त्र परेन अनन्त
षष्ठी हैते लागि’ रहे मकर-पर्यन्त
अनुवाद
उस दिन भगवान जगन्नाथ विभिन्न वस्त्र धारण करते हैं। यह उत्सव अग्रहायण (नवंबर-दिसंबर) माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से लेकर माघ माह (जनवरी-फरवरी) के अंत तक चलता है।
On that day, Lord Jagannath wears various clothes. The festival lasts from the sixth day of the bright fortnight of the month of Agrahayana (November-December) to the end of the month of Magha (January-February).
तात्पर्य
मकर-पर्यंत पद का अर्थ माघ के अंत तक होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥