|
| |
| |
श्लोक 3.10.72  |
সকল বৈষ্ণব-বৃন্দ কান্দে চারি-ভিতে
বৈকুণ্ঠ-স্বরূপ সুখ মিলিলা সাক্ষাতে |
सकल वैष्णव-वृन्द कान्दे चारि-भिते
वैकुण्ठ-स्वरूप सुख मिलिला साक्षाते |
| |
| |
| अनुवाद |
| सभी ओर के वैष्णव लोग वैकुण्ठ के पूर्ण सुख का अनुभव करके रोने लगे। |
| |
| Vaishnavas from all over started crying after experiencing the complete happiness of Vaikuntha. |
| ✨ ai-generated |
| |
|