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श्लोक 3.10.68  |
চিত্তে মাত্র করিতে ঈশ্বর সেই ক্ষণে
বিদ্যানিধি আসিযা দিলেন দরশনে |
चित्ते मात्र करिते ईश्वर सेइ क्षणे
विद्यानिधि आसिया दिलेन दरशने |
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| अनुवाद |
| जैसे ही भगवान ने उन्हें स्मरण किया, पुण्डरीक विद्यानिधि उनसे मिलने के लिए वहां आ गये। |
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| As soon as the Lord remembered him, Pundarika Vidyanidhi came there to meet him. |
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