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श्लोक 3.10.42  |
যত প্রীতি ঈশ্বরের পুরী-গোসাঞিরে
দামোদর-স্বরূপেরে তত প্রীতি করে |
यत प्रीति ईश्वरेर पुरी-गोसाञिरे
दामोदर-स्वरूपेरे तत प्रीति करे |
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| अनुवाद |
| भगवान का स्वरूप दामोदर के प्रति वैसा ही स्नेह था जैसा परमानंद पुरी के प्रति था। |
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| The Lord's form had the same affection for Damodar as it had for Paramananda Puri. |
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