श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.10.22 
এক-দিন গদাধর-দেব প্রভু-স্থানে
কহিলেন পূর্ব-মন্ত্র-দীক্ষার কারণে
एक-दिन गदाधर-देव प्रभु-स्थाने
कहिलेन पूर्व-मन्त्र-दीक्षार कारणे
 
 
अनुवाद
एक दिन श्री गदाधर पंडित ने भगवान से उन्हें दिए गए दीक्षा मंत्र के बारे में पूछा।
 
One day Sri Gadadhara Pandita asked the Lord about the initiation mantra given to him.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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