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श्लोक 3.10.173  |
বিদ্যানিধি-প্রতি দেখি’ স্নেহের উদয
আনন্দে ভাসেন দামোদর মহাশয |
विद्यानिधि-प्रति देखि’ स्नेहेर उदय
आनन्दे भासेन दामोदर महाशय |
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| अनुवाद |
| पुण्डरीक विद्यानिधि के प्रति भगवान का स्नेह देखकर, स्वरूप दामोदर आनंद में डूब गए। |
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| Seeing the Lord's affection for Pundarika Vidyanidhi, Swarupa Damodara was immersed in joy. |
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