श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.10.12 
আচার্য বলেন,—“কি সামগ্রী হারিবারে
লক্ষণ দেখাও, তবে জিনিহ আমারে”
आचार्य बलेन,—“कि सामग्री हारिबारे
लक्षण देखाओ, तबे जिनिह आमारे”
 
 
अनुवाद
अद्वैत आचार्य ने पूछा, "मैंने क्या खोया है? मुझे प्रमाण दीजिए, तब मैं आप पर विश्वास कर सकूँगा।"
 
Advaita Acharya asked, "What have I lost? Give me proof, then I will be able to believe you."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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