श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना  »  श्लोक 288
 
 
श्लोक  3.1.288 
যে সুকৃতি-জন শুনে এ সব আখ্যান
তাহারে মিলযে গৌরচন্দ্র ভগবান্
ये सुकृति-जन शुने ए सब आख्यान
ताहारे मिलये गौरचन्द्र भगवान्
 
 
अनुवाद
जो भी धर्मात्मा मनुष्य इन कथाओं को सुनता है, वह अवश्य ही भगवान गौरचन्द्र को प्राप्त करता है।
 
Any pious person who listens to these stories definitely attains Lord Gaurchandra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)