श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना  »  श्लोक 242
 
 
श्लोक  3.1.242 
আপনে ঠাকুর তবে ধরিঽ জনে জনে
সর্ব-বৈষ্ণবেরে করে প্রেম-আলিঙ্গনে
आपने ठाकुर तबे धरिऽ जने जने
सर्व-वैष्णवेरे करे प्रेम-आलिङ्गने
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने एक-एक करके सभी वैष्णवों को पकड़ लिया और प्रेमपूर्वक उन सबको गले लगा लिया।
 
Then the Lord caught hold of all the Vaishnavas one by one and lovingly embraced them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)