श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना  »  श्लोक 220
 
 
श्लोक  3.1.220 
“এ সকল কথা তঽ শিশুর কভু নয
না জানি বা জন্মিযাছে কোন্ মহাশয!”
“ए सकल कथा तऽ शिशुर कभु नय
ना जानि वा जन्मियाछे कोन् महाशय!”
 
 
अनुवाद
"एक बच्चा ऐसी बातें नहीं कह सकता। कौन जान सकता है कि इस बच्चे के रूप में किस महान व्यक्तित्व ने जन्म लिया है!"
 
"A child cannot say such things. Who can know what great personality has been born in this child!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)