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श्लोक 3.1.220  |
“এ সকল কথা তঽ শিশুর কভু নয
না জানি বা জন্মিযাছে কোন্ মহাশয!” |
“ए सकल कथा तऽ शिशुर कभु नय
ना जानि वा जन्मियाछे कोन् महाशय!” |
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| अनुवाद |
| "एक बच्चा ऐसी बातें नहीं कह सकता। कौन जान सकता है कि इस बच्चे के रूप में किस महान व्यक्तित्व ने जन्म लिया है!" |
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| "A child cannot say such things. Who can know what great personality has been born in this child!" |
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