श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना  »  श्लोक 207
 
 
श्लोक  3.1.207 
তবে প্রভু কৃপা-দৃষ্টি করিযা সবারে
চলিলেন শান্তিপুর-আচার্যের ঘরে
तबे प्रभु कृपा-दृष्टि करिया सबारे
चलिलेन शान्तिपुर-आचार्येर घरे
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने सब पर दया दृष्टि डाली और शांतिपुर में अद्वैत आचार्य के घर चले गए।
 
Then the Lord looked with pity upon everyone and went to the house of Advaita Acharya in Shantipur.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)