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श्लोक 3.1.187  |
কত বা হৈল লোক নাহি সমুচ্চয
যে-যে মতে পারে, সেই মতে পার হয |
कत वा हैल लोक नाहि समुच्चय
ये-ये मते पारे, सेइ मते पार हय |
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| अनुवाद |
| कोई नहीं बता सकता था कि वहाँ कितने लोग थे। लोग हर मुमकिन तरीके से सड़क पार कर रहे थे। |
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| No one could tell how many people were there. People were crossing the street in every possible way. |
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