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श्लोक 3.1.163  |
“কৃষ্ণের রহস্য কোন্ না জান বা তুমি
তোমারে বা কিবা কহিবারে জানি আমি |
“कृष्णेर रहस्य कोन् ना जान वा तुमि
तोमारे वा किबा कहिबारे जानि आमि |
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| अनुवाद |
| "कृष्ण के विषय में कौन-सी गोपनीय बातें तुम्हें अज्ञात हैं? मैं ऐसा क्या जानता हूँ जो मैं तुम्हें बता सकूँ? |
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| "What secrets about Krishna are unknown to you? What do I know that I can tell you? |
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