श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 94
 
 
श्लोक  2.9.94 
বাহ্য নাহি জান তুমি প্রেমের বিকারে
পডুযা তোমারে নিল বাহির দুযারে
बाह्य नाहि जान तुमि प्रेमेर विकारे
पडुया तोमारे निल बाहिर दुयारे
 
 
अनुवाद
“आपने परमानंदपूर्ण प्रेम के रूपांतरणों को प्रदर्शित करते समय बाह्य चेतना खो दी, और छात्र आपको बाहर ले गए।
 
“You lost external consciousness while demonstrating transformations of ecstatic love, and the students carried you out.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)