श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  2.9.62 
পরম-প্রকট-রূপ প্রভুর প্রকাশ
দেখিঽ পরানন্দে ডুবিলেন সর্ব-দাস
परम-प्रकट-रूप प्रभुर प्रकाश
देखिऽ परानन्दे डुबिलेन सर्व-दास
 
 
अनुवाद
भगवान के इस परम स्वरूप को देखकर उनके सभी सेवक आनन्द के सागर में लीन हो गये।
 
Seeing this supreme form of God, all his servants became immersed in the ocean of joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)