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श्लोक 2.9.34  |
বসিযা আছেন বৈকুণ্ঠের অধীশ্বর
ভক্ত-গণে জল ঢালে শিরের উপর |
वसिया आछेन वैकुण्ठेर अधीश्वर
भक्त-गणे जल ढाले शिरेर उपर |
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| अनुवाद |
| वैकुण्ठ के भगवान सिंहासन पर बैठे और सभी भक्तों ने उनके सिर पर जल डाला। |
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| The Lord of Vaikuntha sat on the throne and all the devotees poured water on his head. |
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