श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 228
 
 
श्लोक  2.9.228 
হাসিঽ বলে বিশ্বম্ভর,—“শুনহ শ্রীধর
এক মহা-রাজ্যে করোঙ্ তোমারে ঈশ্বর”
हासिऽ बले विश्वम्भर,—“शुनह श्रीधर
एक महा-राज्ये करोङ् तोमारे ईश्वर”
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर मुस्कुराये और बोले, “सुनो श्रीधर, मैं तुम्हें एक महान राज्य का राजा बनाना चाहता हूँ।”
 
Vishvambhar smiled and said, “Listen Sridhar, I want to make you the king of a great kingdom.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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