श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 227
 
 
श्लोक  2.9.227 
শ্রীধরের ভক্তি দেখিঽ বৈষ্ণব-সকল
অন্যোন্যে কান্দেন সব হৈযা বিহ্বল
श्रीधरेर भक्ति देखिऽ वैष्णव-सकल
अन्योन्ये कान्देन सब हैया विह्वल
 
 
अनुवाद
श्रीधर को रोते देख सभी वैष्णव भी व्याकुल हो गए और रोने लगे।
 
Seeing Sridhar crying, all the Vaishnavas also became worried and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)