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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन
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श्लोक 197
श्लोक
2.9.197
প্রভু বলে,—“শ্রীধর আমারে কর স্তুতি”
শ্রীধর বলযে,—“প্রভু মুঞি মূঢ-মতি”
प्रभु बले,—“श्रीधर आमारे कर स्तुति”
श्रीधर बलये,—“प्रभु मुञि मूढ-मति”
अनुवाद
भगवान ने कहा, “श्रीधर, मेरी स्तुति करो।” श्रीधर ने उत्तर दिया, “हे प्रभु, मैं सबसे मूर्ख हूँ।
The Lord said, “Sridhara, praise me.” Sridhara replied, “O Lord, I am the most foolish of all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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