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श्लोक 2.9.182  |
শ্রীধর বলেন,—“মুঞি হারিলুঙ্ তোমারে
কডি বিনু কিছু দিব, ক্ষমা কর মোরে |
श्रीधर बलेन,—“मुञि हारिलुङ् तोमारे
कडि विनु किछु दिब, क्षमा कर मोरे |
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| अनुवाद |
| श्रीधर बोले, "मैं हार गया हूँ। कृपया मुझे अकेला छोड़ दीजिए। मैं आपको कुछ मुफ़्त दूँगा।" |
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| Sridhar said, "I have lost. Please leave me alone. I will give you something for free." |
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