vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन
»
श्लोक 182
श्लोक
2.9.182
শ্রীধর বলেন,—“মুঞি হারিলুঙ্ তোমারে
কডি বিনু কিছু দিব, ক্ষমা কর মোরে
श्रीधर बलेन,—“मुञि हारिलुङ् तोमारे
कडि विनु किछु दिब, क्षमा कर मोरे
अनुवाद
श्रीधर बोले, "मैं हार गया हूँ। कृपया मुझे अकेला छोड़ दीजिए। मैं आपको कुछ मुफ़्त दूँगा।"
Sridhar said, "I have lost. Please leave me alone. I will give you something for free."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×