श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 173
 
 
श्लोक  2.9.173 
শ্রীধর বলেন,—“শুন ব্রাহ্মণ ঠাকুর
ক্ষমা কর মোরে, মুঞি তোমার কুক্কুর”
श्रीधर बलेन,—“शुन ब्राह्मण ठाकुर
क्षमा कर मोरे, मुञि तोमार कुक्कुर”
 
 
अनुवाद
श्रीधर बोले, "हे पूज्य ब्राह्मण, सुनिए। कृपया मुझे क्षमा करें, क्योंकि मैं आपका कुत्ता हूँ।"
 
Sridhar said, "Oh revered Brahmin, listen. Please forgive me, because I am your dog."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)