श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 172
 
 
श्लोक  2.9.172 
অধরে তাম্বূল, হাসে শ্রীধরে চাহিযা
আর-বার খোলা লয আপনে তুলিযা
अधरे ताम्बूल, हासे श्रीधरे चाहिया
आर-बार खोला लय आपने तुलिया
 
 
अनुवाद
भगवान ने श्रीधर की ओर देखते हुए सुपारी चबाई। फिर उन्होंने अपने हाथों से केले के पत्ते उठा लिए।
 
The Lord chewed the betel nut while looking at Sridhar. Then he picked up the banana leaves with his hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)