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श्लोक 2.9.16  |
অন্য অন্য দিন প্রভু নাচে দাস্য-ভাবে
ক্ষণেকে ঐশ্বর্য প্রকাশিযা পুনঃ ভাঙ্গে |
अन्य अन्य दिन प्रभु नाचे दास्य-भावे
क्षणेके ऐश्वर्य प्रकाशिया पुनः भाङ्गे |
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| अनुवाद |
| अन्य दिनों में भगवान सेवक की मुद्रा में नृत्य करते थे और क्षण भर के लिए ही अपनी ऐश्वर्य को प्रकट करते थे और फिर उसे वापस ले लेते थे। |
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| On other days the Lord would dance in the posture of a servant and would reveal His glory for a moment and then withdraw it. |
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