श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  2.9.125 
ধূপ-দীপ লৈযা সকল ভক্ত-গণ
অর্চন করিতে লাগিলেন শ্রী-চরণ
धूप-दीप लैया सकल भक्त-गण
अर्चन करिते लागिलेन श्री-चरण
 
 
अनुवाद
सभी भक्तों ने धूप और दीप से भगवान के चरण कमलों की पूजा की।
 
All the devotees worshipped the lotus feet of the Lord with incense and lamps.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)