श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  2.9.123 
তাম্বূল যোগায কোন অতি প্রিয ভৃত্য
কেহ বামে, কেহ বা সম্মুখে করে নৃত্য
ताम्बूल योगाय कोन अति प्रिय भृत्य
केह वामे, केह वा सम्मुखे करे नृत्य
 
 
अनुवाद
एक अन्य प्रिय सेवक ने उन्हें सुपारी भेंट की, जबकि कुछ सेवक उनके बाईं ओर तथा कुछ सेवक उनके सामने नाच रहे थे।
 
Another beloved servant offered him betel nut, while some servants danced to his left and some in front of him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)