श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 121
 
 
श्लोक  2.9.121 
বসিযা আছেন বৈকুণ্ঠের অধীশ্বর
চন্দন-মালায পরিপূর্ণ কলেবর
वसिया आछेन वैकुण्ठेर अधीश्वर
चन्दन-मालाय परिपूर्ण कलेवर
 
 
अनुवाद
वैकुंठ के स्वामी बैठ गए। उनका शरीर चंदन के लेप और पुष्प मालाओं से ढका हुआ था।
 
The Lord of Vaikuntha sat down, his body covered with sandalwood paste and flower garlands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)