श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  2.9.109 
গঙ্গাদাসে দেখিঽ বলে,—“তোর মনে জাগে?
রাজ-ভযে পলাইস্ যবে নিশা-ভাগে?
गङ्गादासे देखिऽ बले,—“तोर मने जागे?
राज-भये पलाइस् यबे निशा-भागे?
 
 
अनुवाद
भगवान ने गंगादास की ओर मुड़कर कहा, “क्या तुम्हें याद है कि एक रात तुम राजा के डर से भाग रहे थे?
 
The Lord turned to Gangadasa and said, “Do you remember that one night you were running away from the king in fear?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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