श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  2.9.106 
“কিছু দেহঽ খাই” বলিঽ পাতেন শ্রী-হস্ত
যেই যাহা দেন, তাহা খাযেন সমস্ত
“किछु देहऽ खाइ” बलिऽ पातेन श्री-हस्त
येइ याहा देन, ताहा खायेन समस्त
 
 
अनुवाद
प्रभु ने अपनी हथेली आगे बढ़ाकर कहा, “मुझे कुछ खाने को दो।” फिर उन्होंने जो कुछ दिया, प्रभु ने खा लिया।
 
The Lord extended his hand and said, “Give me something to eat.” The Lord ate whatever they offered.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)