श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  2.9.102 
এই-মত অদ্বৈতাদি যতেক বৈষ্ণব
সবারে দেখিযা করাযেন অনুভব
एइ-मत अद्वैतादि यतेक वैष्णव
सबारे देखिया करायेन अनुभव
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने अद्वैतवादी सभी वैष्णवों को उनके पूर्व अनुभवों का स्मरण कराया।
 
Thus the Lord reminded all the non-dualistic Vaishnavas of their past experiences.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)