श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 100
 
 
श्लोक  2.9.100 
আনন্দ হৈল দেহ শুনিঽ ভাগবত
সব তিতিঽ স্থান হৈল বরিষার মত”
आनन्द हैल देह शुनिऽ भागवत
सब तितिऽ स्थान हैल वरिषार मत”
 
 
अनुवाद
“श्रीमद्भागवतम् सुनकर आप आनंदित हो गए, और पूरा क्षेत्र वर्षा के समान गीला हो गया।”
 
“You became delighted after listening to the Srimad Bhagavatam, and the entire area became wet like rain.”
तात्पर्य
ब्रज में प्रयुक्त 'तिति' शब्द का अर्थ है 'भींगना,' 'भीगा रहना,' और 'भीग कर सन्‍ना रहना।'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)