vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 61
श्लोक
2.8.61
এই-মত দুই প্রভু করযে ভোজন
সেই ভাব, সেই প্রেম, সেই দুই-জন
एइ-मत दुइ प्रभु करये भोजन
सेइ भाव, सेइ प्रेम, सेइ दुइ-जन
अनुवाद
इस प्रकार दोनों भगवानों ने एक ही भाव से, एक ही स्नेह से, एक ही व्यक्ति के रूप में अपना भोजन किया।
Thus both the Gods ate their food with the same feeling, with the same affection, as one person.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×