श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.8.35 
নিত্যানন্দ বলযে,—“সে-কাল গেল বযে
যে কালে খাইলে দধি-নবনী লুটিযে
नित्यानन्द बलये,—“से-काल गेल वये
ये काले खाइले दधि-नवनी लुटिये
 
 
अनुवाद
तब नित्यानंद ने कहा, 'वे दिन चले गए जब आप दही और मक्खन चुराकर खाते थे।
 
Then Nityananda said, 'Those days are gone when you used to steal curd and butter and eat them.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd