श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 312
 
 
श्लोक  2.8.312 
এই-মত প্রভু নিজ ঐশ্বর্য প্রকাশেঽ
দেখিঽ ভক্ত-গণ সুখ-সিন্ধু-মাঝে ভাসে
एइ-मत प्रभु निज ऐश्वर्य प्रकाशेऽ
देखिऽ भक्त-गण सुख-सिन्धु-माझे भासे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने अपना ऐश्वर्य प्रकट किया। यह देखकर भक्तगण आनंद के सागर में तैरने लगे।
 
Thus the Lord revealed His opulence. Seeing this, the devotees began to swim in an ocean of bliss.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)