श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 301
 
 
श्लोक  2.8.301 
আনন্দ হৈল, ভয গেল সবাকার
যোগায তাম্বূল সবে যার অধিকার
आनन्द हैल, भय गेल सबाकार
योगाय ताम्बूल सबे यार अधिकार
 
 
अनुवाद
सभी भक्त आनंदित हो गए और उनका भय दूर हो गया, क्योंकि योग्य भक्तों ने भगवान को सुपारी चढ़ाई।
 
All the devotees became happy and their fear was dispelled, as the worthy devotees offered betel nuts to the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)