| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 2: मध्य-खण्ड » अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन » श्लोक 289 |
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| | | | श्लोक 2.8.289  | আমারে সে দিযাছ সব উপহার”
শ্রীবাস বলেন,—“প্রভু সকল তোমার” | आमारे से दियाछ सब उपहार”
श्रीवास बलेन,—“प्रभु सकल तोमार” | | | | | | अनुवाद | | “वास्तव में आपने सब कुछ मुझे अर्पित कर दिया है।” तब श्रीवास ने उत्तर दिया, “हे प्रभु, सब कुछ आपका है।” | | | | “Indeed you have offered everything to me.” Then Srivasa replied, “O Lord, everything is yours.” | | ✨ ai-generated | | |
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