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श्लोक 2.8.283  |
মড মড করে খট্টা বিশ্বম্ভর-ভরে
আথে-ব্যথে নিত্যানন্দ খট্টা স্পর্শ করে |
मड मड करे खट्टा विश्वम्भर-भरे
आथे-व्यथे नित्यानन्द खट्टा स्पर्श करे |
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| अनुवाद |
| विश्वम्भर के भार के कारण जब सिंहासन में दरार की ध्वनि हुई, तो नित्यानंद ने शीघ्रता से उसे छू लिया। |
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| When the throne cracked under the weight of Vishvambhara, Nityananda quickly touched it. |
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