श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 248
 
 
श्लोक  2.8.248 
খানি থাক, শ্রীবাসের কালি করোঙ্ কার্য
কালি বা কি করোঙ্ দেখোঙ্ অদ্বৈত-আচার্য
खानि थाक, श्रीवासेर कालि करोङ् कार्य
कालि वा कि करोङ् देखोङ् अद्वैत-आचार्य
 
 
अनुवाद
"ज़रा रुको। कल हम श्रीवास का ध्यान रखेंगे। और देखते हैं कल अद्वैत आचार्य के साथ क्या करते हैं।"
 
"Wait a minute. Tomorrow we will take care of Srivasa. And let's see what we do with Advaita Acharya tomorrow."
तात्पर्य
"किसी ने कहा, "वे बहुत दिन तक ऐसी गतिविधियाँ नहीं कर सकते। इसलिए एक या दो दिन इंतज़ार करो। देखते हैं तो सही हम उनका क्या हाल करते हैं।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)