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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
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श्लोक 225
श्लोक
2.8.225
ঽহলধর, শিব, শুক, নারদ, প্রহ্লাদ
রমা, অজ, উদ্ধবঽ বলিযা করে নাদ
ऽहलधर, शिव, शुक, नारद, प्रह्लाद
रमा, अज, उद्धवऽ बलिया करे नाद
अनुवाद
उन्होंने ऊंचे स्वर से उन्हें संबोधित किया, "हलधर! शिव! शुकदेव! नारद! प्रह्लाद! राम! अज! उद्धव!"
He addressed them in a loud voice, "Haldhar! Shiva! Shukdev! Narada! Prahlada! Rama! Aja! Uddhava!"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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