श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 200
 
 
श्लोक  2.8.200 
নিজানন্দে নাচে মহাপ্রভু বিশ্বম্ভর
চরণের তাল শুনি অতি মনোহর
निजानन्दे नाचे महाप्रभु विश्वम्भर
चरणेर ताल शुनि अति मनोहर
 
 
अनुवाद
जब महाप्रभु विश्वम्भर अपने परमानंद में नृत्य कर रहे थे, तो उनके पैरों की गति अत्यंत मनमोहक लग रही थी।
 
When Mahaprabhu Vishvambhar was dancing in His ecstasy, the movement of His feet looked extremely captivating.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)