श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 189
 
 
श्लोक  2.8.189 
ব্রহ্মাণ্ড ভেদিল ধ্বনি পূরিযা আকাশ
চৌদিগের অমঙ্গল যায সব নাশ
ब्रह्माण्ड भेदिल ध्वनि पूरिया आकाश
चौदिगेर अमङ्गल याय सब नाश
 
 
अनुवाद
संकीर्तन की ध्वनि आकाश में गूंज उठी और ब्रह्माण्ड के आवरण को भेद गई। चारों दिशाओं का समस्त अशुभ नाश हो गया।
 
The sound of the chanting echoed through the sky, piercing the very fabric of the universe. All evil in all directions was destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)