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श्लोक 2.8.172  |
ভাবাবেশে এক-বার ধরে যাঽর পায
আর বার পুনঃ তাঽর উঠযে মাথায |
भावावेशे एक-बार धरे याऽर पाय
आर बार पुनः ताऽर उठये माथाय |
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| अनुवाद |
| परमानंद में वे किसी के पैर पकड़ लेते और फिर उसके सिर पर चढ़ जाते। |
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| In ecstasy he would grab someone's legs and then climb on his head. |
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