श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 158
 
 
श्लोक  2.8.158 
ক্ষণে ক্ষণে মহাস্বেদ হয কলেবরে
মূর্তিমতী গঙ্গা যেন আইলাশরীরে
क्षणे क्षणे महास्वेद हय कलेवरे
मूर्तिमती गङ्गा येन आइलाशरीरे
 
 
अनुवाद
कभी-कभी उनके शरीर से इतना पसीना निकलता था कि ऐसा लगता था कि मानो गंगा उनके शरीर से बह रही हो।
 
Sometimes so much sweat would come out of his body that it seemed as if the Ganga was flowing through his body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)