श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  2.8.140 
ঊষঃকাল হৈতে নৃত্য করে বিশ্বম্ভর
যূথ যূথ হৈল যত গাযন সুন্দর
ऊषःकाल हैते नृत्य करे विश्वम्भर
यूथ यूथ हैल यत गायन सुन्दर
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर ने सूर्योदय के समय से ही नृत्य करना आरम्भ कर दिया और भक्तगण विभिन्न समूहों में मधुर गायन करने लगे।
 
Vishwambhar started dancing at sunrise and the devotees started singing melodious songs in different groups.
तात्पर्य
प्रातःकाल होने से पूर्व ही प्रभु स्वयं नाचने लगे और भक्तों के विभिन्न समूहों से भजन गवाने लगे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)