vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 133
श्लोक
2.8.133
প্রভুর আনন্দে নৃত্যে নাহি অবসর
রাত্রি-দিনে বেডিঽ গায সব অনুচর
प्रभुर आनन्दे नृत्ये नाहि अवसर
रात्रि-दिने बेडिऽ गाय सब अनुचर
अनुवाद
भगवान के आनंदमय नृत्य में कोई रुकावट नहीं आई। उनके सभी साथी दिन-रात उनके चारों ओर भजन गाते रहे।
Nothing interrupted the Lord's joyous dance. All His companions sang hymns around Him day and night.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×